अब मेरठ से प्रयागराज का सफर मात्र 6 घंटो में , प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 594 km लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का किया उद्घाटन |

गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ को प्रयागराज से जोड़ने वाली मेगा परियोजना है. लगभग 36,230 करोड़ रुपये की कुल लागत से निर्मित एक्सप्रेसवे मेरठ और प्रयागराज के बीच यात्रा के समय को मौजूदा 10-12 घंटे से घटाकर लगभग 6 घंटे कर देगा. यह हाई-स्पीड कॉरिडोर उत्तर प्रदेश में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के साथ-साथ औद्योगिक निवेश, लॉजिस्टिक, एग्रीकल्चर मार्केटिंग और क्षेत्रीय संतुलन को भी नयी गति देगा.

 प्रधानमंत्री ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा- गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से आगे बढ़कर हरिद्वार तक जाएगा. इसके बेहतर इस्तेमाल के लिए, फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा. इसे दूसरे एक्सप्रेसवे से भी जोड़ा जाएगा। यही ‘डबल-इंजन सरकार’ का विन है, यही BJP सरकार के काम की रफ़्तार है, यही BJP सरकार के काम करने का तरीका है. कुछ ही दिन पहले, मुझे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करने का मौका मिला था। तब मैंने कहा था कि ये नए बने एक्सप्रेसवे, एक विकासशील भारत की हाथ की लकीरें हैं. वो दिन चले गए जब एक सड़क के लिए दशकों तक इंतज़ार करना पड़ता था; एक बार घोषणा हो जाती थी, तो काम सालों तक लटका रहता था, और शिलान्यास सिर्फ़ चुनावों के लिए किया जाता था. उसके बाद, सरकारें आती-जाती रहीं, लेकिन काम में कोई प्रगति नहीं दिखी. कभी-कभी तो, पुराने कागजात (फाइलों) को ढूंढने में ही बड़े अधिकारियों को 2 साल लग जाते थे. डबल-इंजन सरकार में, शिलान्यास भी तय समय पर होता है और उद्घाटन भी तय समय पर ही होता है.

पहले यूपी गड्ढों के लिए जाना जाता था, अब एक्सप्रेसवे बनी नई पहचान : पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा- एक जमाना था, जब उत्तर प्रदेश अपनी सड़कों के गड्ढों के लिए जाना जाता था. आज, यह देश का ऐसा राज्य बन गया है जहां सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे हैं. आज, उत्तर प्रदेश में 21 हवाई अड्डे हैं, जिनमें पांच इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी शामिल हैं. हमारा उत्तर प्रदेश भगवान राम और भगवान कृष्ण की धरती है, लेकिन पिछली सरकार ने अपने कामों, अपराध और जंगल राज की वजह से उत्तर प्रदेश की पहचान ही बदल दी थी. उत्तर प्रदेश के माफिया पर फिल्में तक बनने लगी थीं. लेकिन अब, पूरे देश में UP के कानून-व्यवस्था की मिसाल दी जाती है.
उत्तर प्रदेश $1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा : पीएम मोदी
पीएम ने कहा- आप ही बताइए, क्या पिछली सरकारें हरदोई और उन्नाव जैसे जिलों में कोई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाने की सोच भी सकती थीं? क्या कोई यह सोच सकता था कि हमारे हरदोई से होकर कोई एक्सप्रेसवे गुजरेगा? यह काम सिर्फ BJP सरकार में ही मुमकिन है. पहले उत्तर प्रदेश को एक पिछड़ा और बीमार राज्य कहा जाता था. आज, उत्तर प्रदेश $1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. यह एक बहुत बड़ा लक्ष्य है, लेकिन इसके पीछे की तैयारी भी उतनी ही बड़ी है.
6 लेन का है एक्सप्रेसवे
गंगा एक्सप्रेसवे 6 लेन का है, जिसे आठ लेन तक बढ़ाया जा सकता है. एक्सप्रेसवे को गांवों, किसानों, उद्यमियों और युवाओं को जोड़ने वाली जीवन रेखा बताते हुए कहा कि यह विकास को गति देने और दूरियां समेटने में अहम भूमिका निभाएगा.
एक्सप्रेसवे 12 जिलों को जोड़ता है
यह एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज सहित 12 प्रमुख जिलों को जोड़ता है.
वायुसेना के विमान भी एक्सप्रेसवे में उतर सकते हैं
गंगा एक्सप्रेसवे की एक प्रमुख विशेषता शाहजहांपुर के पास बनी 3.2 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी है, जहां आपात स्थिति में वायुसेना के विमान उतर सकते हैं.
एक्सप्रेसवे के किनारे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर डेवलप किए जा रहे
एक्सप्रेसवे के किनारे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (आईएमएलसी) विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें बड़े गोदाम, शीतगृह और खाद्य प्रसंस्करण केंद्र जैसी सुविधाएं निवेश आकर्षित करने व रोजगार सृजन में सहायक होंगी.
गंगा एक्सप्रेसवे प्रमुख कॉरिडोर से जुड़ेगा
गंगा एक्सप्रेसवे पूर्वांचल, आगरा-लखनऊ, बुंदेलखंड और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे सहित अन्य प्रमुख कॉरिडोर से भी जुड़ेगा, जिससे एक विशाल अंतर संपर्क तंत्र तैयार होगा.
रोजगार के अवसर पैदा होंगे
गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करेगी. उत्तर प्रदेश को एक हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में अहम भूमिका निभाएगी.
अन्य खासियत
इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस)
सीसीटीवी निगरानी
इमरजेंसी कॉल बॉक्स
एम्बुलेंस की व्यवस्था
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Author: Real India News

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