राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार बाढ़ से बालासोर, भद्रक, जाजपुर, मयूरभंज, क्योंझर और केंद्रपाड़ा जिलों के 52 प्रखंडों के 503 गांवों में लगभग 2.70 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इन जिलों में बैतरणी, ब्राह्मणी, जालका और बुधबलंगा नदियों तथा उनकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि उत्तरी ओडिशा में बारिश जारी रहने के बीच राज्य प्रशासन ने बचाव और राहत कार्यों को तेज कर दिया है।
आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि कुल 95,206 लोगों को 226 राहत शिविरों में पहुंचाया गया है, जहां पका हुआ भोजन, सुरक्षित पेयजल, स्वच्छता, रोशनी और चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था की गई है। पुजारी ने कहा कि संबंधित जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों (डीईओसी) के साथ समन्वय करके स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि मयूरभंज, बालासोर, भद्रक, जाजपुर और क्योंझर जिलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
इसमें कहा गया है कि हालांकि, अगले 48 घंटों के दौरान उत्तर बंगाल की खाड़ी के ऊपर निम्न दबाव का एक और क्षेत्र बनने का अनुमान है।








