उत्तर प्रदेश में आगरा एक्सप्रेस-वे की सफल परियोजना के बाद मौजूदा सरकार और नए एक्सप्रेस-वे बनाने की जल्दबाजी में है , इन एक्सप्रेस-वे को बनाने में जम कर लापरवाही और भ्रस्टाचार किया जा रहा है आलम यह है की नव निर्मित सड़कें उद्घाटन के कुछ ही दिनों के भीतर धंसने लगी है , वही प्रदेश सरकार यहाँ के ग्रामीण इलाकों तक पक्की सड़कें पहुंचाने में अब भी नाकाम है, जिसका नतीजा वहाँ के निवासियों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है | ताजा मामला उत्तर प्रदेश के उरई जिले का है जहाँ कच्ची सड़क की वजह से एम्बुलेंस ना पहुँचने से ग्रामीण की मौत हो गयी |
उत्तर प्रदेश के उरई जिले के कदौरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत परासन के मजरा कुइयाझोर में दलदली सड़क ने मंगलवार शाम एक बुजुर्ग की जान ले ली। दरअसल, वृद्ध की तबीयत बिगड़ने के बाद परिजन ने एंबुलेंस बुलाई लेकिन बारिश से खराब हुए कच्चे रास्ते और कीचड़ के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी।मजबूरन परिजन बुजुर्ग को चारपाई पर लिटाकर ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। कुइयाझोर निवासी सरमन (60) मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे घर का काम कर रहे थे। अचानक वह अचेत होकर गिर पड़े। परिजन ने 108 एंबुलेंस को सूचना दी।
एंबुलेंस कालपी–राठ मार्ग तक पहुंच गई लेकिन गांव तक जाने वाला कच्चा रास्ता बारिश के कारण कीचड़ और दलदल में तब्दील हो चुका था। चालक वाहन को आगे नहीं ले जा सका।




