उन्होंने कहा कि इस संघर्ष में 3,500 से अधिक सुरक्षाकर्मी शहीद हुए, जबकि युद्ध में भी इतने सैनिकों की मौत नहीं होती। मोदी ने कहा, ‘‘2014 में जब हमें मौका मिला तो हमने देश को नक्सलवाद से मुक्त कराने का संकल्प लिया गया। आज खुशी है कि नक्सलवाद के पास आखिरी सांस लेने की भी ताकत नहीं रही।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन इलाकों में कभी नक्सलवादियों की गोलियां चलती थीं, आज वहां नक्सलवाद से मुक्ति के बाद विकास, विश्वास और प्रयास का तिरंगा लहरा रहा है।
उन्होंने आगाह किया कि इस चुनौती को अभी भी कमतर नहीं आंकना चाहिए और सतर्क रहना होगा। मोदी ने कहा कि माओवादी सोच वाले लोग कभी सत्ता के गलियारों में बैठे थे और सरकारी समितियों में सलाहकार के रूप में रहकर उन्होंने नीतियों को प्रभावित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि जंगलों में ‘हथियारी नक्सल’ के खिलाफ सफलता मिली है, लेकिन अब ‘दिमागी नक्सल’ मौके की तलाश में हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे तत्व हिंसा और अराजकता के रास्ते खोज रहे हैं तथा समाज को गलत दिशा में ले जाने के लिए तरह-तरह के दांव चल रहे हैं। मोदी ने कहा कि ‘दिमागी नक्सल’ को पहचानना और उन्हें अलग-थलग करना होगा तथा युवाओं को विकसित भारत के निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ना होगा।
लाल किले पर शनिवार को आयोजित 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में महिला उद्यमियों, युवा नवप्रवर्तकों, किसानों और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों सहित समाज के कई क्षेत्रों से जुड़े लगभग 5,000 विशेष अतिथि शामिल हुए। आमंत्रित अतिथियों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के स्वयंसेवक, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का लाभ उठाने वाली महिला उद्यमी, नमस्ते , पीएम अजय और सीड जैसी योजनाओं के लाभार्थी तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले ‘माय भारत’ के स्वयंसेवक शामिल रहे। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के उत्कृष्ट लाभार्थी, पीएम स्वनिधि योजना के तहत रेहड़ी-पटरी विक्रेता, स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहरी स्वच्छता कर्मी, दिल्ली मेट्रो के उत्कृष्ट कर्मचारी, कर्तव्य पथ और सेंट्रल विस्टा परियोजना से जुड़े श्रमिक तथा दिल्ली के सरकारी अस्पतालों के कर्मचारी भी समारोह में मौजूद रहे।
विशेष अतिथियों में राष्ट्रीय नवाचार कार्यक्रमों से जुड़े युवा नवप्रवर्तक, विभिन्न क्षेत्रों के वैज्ञानिक, दिल्ली में भारत टैक्सी के कैब चालक, प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के प्रशिक्षु तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत समर्थित उत्कृष्ट स्टार्ट-अप भी शामिल रहे। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षित युवा, ‘स्टार्ट-अप इंडिया सीड फंड’ से समर्थित उत्कृष्ट स्टार्ट-अप, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के लाभार्थी, पीएम विश्वकर्मा योजना के कारीगर तथा प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (पीएम-एसवाईएम) योजना के लाभार्थी भी आमंत्रित किए गए थे। अन्य आमंत्रित अतिथियों में प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (पीएम-एमकेएसएसवाई) के उत्कृष्ट किसान तथा दिल्ली सरकार के वे छात्र शामिल थे, जिन्होंने विभिन्न प्रश्नोत्तरी और अन्य प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
समारोह में सांस्कृतिक रंग भरने के लिए विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से पारंपरिक वेशभूषा में सजे 1,500 से अधिक लोग भी उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले पर 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व किया। इस वर्ष का समारोह ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय गीत को विशेष रूप से समर्पित है।
लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह में पहली बार ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया गया।






