दिपके ने कहा कि उन सभी परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवज़ा। और दूसरी बात, 20 तारीख को जिन पुलिस वालों ने गुंडों जैसा बर्ताव किया, उन पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई होनी चाहिए। याद रखें, कॉकरोच से पंगा न लें। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने के बाद समर्थकों को उत्साहपूर्वक संबोधित करते हुए अभिजीत दिपके ने कहा कि झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर नयी दिल्ली के जंतर मंतर समेत देशभर में जारी छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भेजा।
प्रधान ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा कि उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री को भेज दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 दिन का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुखी है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। प्रधान ने कहा कि उन्होंने पहले दिन से ही जिम्मेदारी ली है और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा। उन्होंने लिखा कि जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ ना उठाएं, देश की एकता बनी रहे, भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में ना उलझे, हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर ध्यान केंद्रित करें, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री को भेज दिया है।
प्रधान ने कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के दिल्ली में जारी आंदोलन के मद्देनजर इस्तीफा दिया है। कॉजपा परीक्षा प्रणाली में सुधार, नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले कुछ दिनों से प्रदर्शन कर रही है और प्रधान का इस्तीफा उसकी प्रमुख मांगों में शामिल था।









