नेपाल के अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों से बचावकर्मियों द्वारा और शव बरामद किए जाने के बाद बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,295 हो गई है। बचाव और तलाश अभियान जारी रहने के बीच आपातकालीन दलों ने 12,000 से अधिक लोगों को बचा लिया है, जबकि करीब 5,000 लोग अब भी लापता हैं। जायसवाल ने प्रेस वार्ता में कहा, ‘‘हमारी जानकारी के अनुसार, 275 भारतीय नागरिक अब भी लापता हैं।

हम नेपाल सरकार के साथ लगातार करीबी संपर्क में हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम इस संबंध में नेपाल के अधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हैं। अब तक 166 भारतीय नागरिकों को बचाया गया है और 1,907 भारतीय नागरिक चीन से सुरक्षित रूप से नेपाल पहुंच चुके हैं।’’ जायसवाल ने कहा, ‘‘चीन की आधिकारिक सूचना के अनुसार, चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में कोई भी भारतीय यात्री फंसा हुआ नहीं है।’’ विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत नेपाल सरकार की जरूरतों के अनुसार उसकी सहायता जारी रखेगा। उन्होंने कहा, ‘‘हम नेपाल सरकार के अनुरोध पर और अधिक फॉरेंसिक किट, बेली पुल और अन्य सामग्री भेजने की योजना बना रहे हैं।’’ जायसवाल ने बताया कि भारत अब तक सात विमानों के जरिए करीब 95 टन राहत सामग्री नेपाल भेज चुका है।
मोदी ने शाह को हालात से निपटने के लिए हरसंभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ से मुख्य रूप से मध्य नेपाल में 35 पुल, 45 झूला पुल और 40 किलोमीटर लंबी पक्की सड़कों को नुकसान पहुंचा है। जायसवाल ने कहा कि भारत ने नेपाल में आई अचानक बाढ़ के बाद तुरंत कदम उठाया और दोहराया कि वह देश में पुनर्निर्माण और राहत कार्यों में लगातार सहयोग करता रहेगा।
नेपाल में आई बाढ़ के संदर्भ में जलवायु परिवर्तन से जुड़े सवाल पर जायसवाल ने कहा कि भारत का लगातार यह रुख रहा है कि यह एक साझा चुनौती है और इस संबंध में कार्रवाई ‘‘साझा लेकिन अलग-अलग जिम्मेदारियों और संबंधित क्षमताओं’’ के सिद्धांत पर आधारित होनी चाहिए।









