उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को कल दिल्ली में पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन के दौरान डिटेन किया गया। पुलिस उन्हें बस में बिठाकर ले गई। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही प्रदेश में सियासत गरमा गई। अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने को लेकर कल शाम लखनऊ से वाराणसी और जालौन तक सपा कार्यकर्ता प्रदर्शन करते नजर आए। कार्यकर्ताओं ने छात्र-युवाओं का मुद्दा उठाए जाने पर अखिलेश यादव को डिटेन किए जाने की घटना का विरोध किया। वहीं, डिटेन होने के बाद अखिलेश यादव पुलिस से सवाल जवाब करते दिखे थे। उन्होंने पूछा था कि कहां ले जा रहे हो पुलिस भाई। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर खासी चर्चा में है।
लखनऊ में अखिलेश की गिरफ्तारी के बाद समाजवादी पार्टी नेताओ ने भी अपने चिर परिचित गोरिल्ला अंदाज में जमकर जोरदार प्रदर्शन किया, जिसे सँभालने में लखनऊ पुलिस के पसीने छूट गए | समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की दिल्ली में गिरफ्तारी के कुछ ही समय बाद लखनऊ में सपा नेताओ और कार्यकर्ताओ का हुजूम राजधानी लखनऊ की सड़को पर उतर आया, अचानक हुए इस जोरदार प्रदर्शन से लखनऊ पुलिस के भी हाथ पाँव फूल गए, जिस से तिलमिलाए लखनऊ के एक पुलिस अधिकारी ने समाजवादी पार्टी के नेता की गर्दन तक दबा दी |

बड़ी संख्या में लखनऊ के हज़रतगंज पहुंचे सपा नेताओ को काबू में करने के लिए पुलिस को खासी रस्सा कशी करनी पड़ी, बारिश में हुए इस प्रदर्शन में बरसात से ज्यादा पुलिस को पसीना बहाना पड़ा और प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए उन्हें टांग कर बसों में भरना पड़ा |
लखनऊ पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने तो काबू में नहीं आ रहे समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव ज्ञानेश लोधी की छाती पर बैठ कर उनकी गर्दन तक दबा दी, अन्य पुलिस कर्मियों द्वारा रोकने पर उन नेता जी को टांग कर बस में डाला गया | काफी देर तक चले इस धरना प्रदर्शन के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर इको गार्डन पहुँचाया , उधर अखिलेश यादव की रिहाई के बाद ही सपा नेता शांत हुए |









