13 जुलाई को एक भव्य समारोह के बाद शुरू किए गए कानपुर-लखनऊ एलिवेटेड एक्सप्रेसवे पर अब सवाल उठ गए हैं. जिस एक्सप्रेसवे को विश्वस्तरीय गुणवत्ता की नजीर बताया गया था, वह उद्घाटन के महज 13 दिन बाद ही विवादों में आ गया. लगातार बारिश के बीच उन्नाव जिले के कोरारी के पास 6-लेन एक्सप्रेसवे का एक हिस्सा कई मीटर तक धंस गया है. घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया लोग तरह-तरह की बात कर रहे हैं और विपक्ष ने सरकार व निर्माण एजेंसियों पर निशाना साधा है. हालांकि इस मामले में अपडेट जारी करते हुए NHAI ने बताया है कि एक्सप्रेसवे का जो हिस्सा धंस गया था, उसकी मरम्मत कर दी गई है.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
सड़क धंसने की घटना के तुरंत बाद समाजवादी पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने मौके का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया. वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने बीजेपी सरकार और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) पर भ्रष्टाचार और निर्माण में लापरवाही के आरोप लगाए.
घटना के बाद स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर कई सवाल उठने लगे. लोगों का कहना है कि अगर विशेषज्ञ इंजीनियरों की निगरानी में परियोजना तैयार हुई थी, तो उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद सड़क कैसे धंस गई? कई लोगों ने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं.
सपा और कांग्रेस सरकार पर हमलावर
सड़क धंसने की तस्वीरें और वीडियो शेयर करते हुए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोला है. विपक्ष का कहना है कि जिस एक्सप्रेस वे को कुछ दिन पहले बड़ी उपलब्धि बताया गया था, वह पहली ही बारिश में सवालों के घेरे में आ गया और इससे जनता के पैसे के इस्तेमाल पर भी प्रश्न उठ रहे हैं.










