5,585 आवेदनों से शुरू हुई थी चयन प्रक्रिया
राम मंदिर CEO पद के लिए शुरू हुई प्रक्रिया में देशभर से कुल 5,585 आवेदन मिले थे. इनमें से 3,877 उम्मीदवारों ने अपना विस्तृत CV उपलब्ध कराया. उम्मीदवारों से प्रबंधन क्षमता, बड़े आयोजनों और भीड़ को संभालने का अनुभव, व्यक्तिगत दक्षता, भाषा ज्ञान, विजन और भविष्य की रणनीति सहित कई पहलुओं से जुड़ी जानकारी मांगी गई थी. शुरुआती स्क्रीनिंग के बाद 1,580 आवेदनों और प्रस्तुतियों का विस्तार से मूल्यांकन किया गया. इसके बाद करीब 111 उम्मीदवारों को ऑनलाइन इंटरैक्शन के लिए चुना गया.
16 उम्मीदवार पहुंचे आमने-सामने इंटरव्यू तक
सेना से रिटायर्ड अफसरों से लेकर IAS-IPS तक दावेदार
CEO पद की दौड़ में सेना के सेवानिवृत्त अधिकारियों के साथ रिटायर्ड IAS और IPS अफसर तथा सरकारी और गैर-सरकारी क्षेत्रों के अनुभवी पेशेवर भी शामिल हैं. राम मंदिर की व्यापक प्रशासनिक व्यवस्था को देखते हुए इस पद के लिए ऐसे व्यक्ति की जरूरत मानी जा रही है, जिसे बड़े स्तर पर प्रशासन, श्रद्धालु प्रबंधन, सुरक्षा, कर्मचारियों के संचालन और संस्थागत व्यवस्थाओं का अनुभव हो. इसके अलावा तकनीकी व्यवस्था, धार्मिक-सांस्कृतिक संवेदनशीलता और भविष्य की योजनाओं को लेकर समझ भी चयन का अहम हिस्सा रही.
तीन सदस्यीय कमेटी ने लिया अंतिम इंटरव्यू
CEO चयन के लिए गठित सर्च कमेटी में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) वीके चतुर्वेदी और न्यूक्लियर साइंटिस्ट डॉ. सुरेश हावड़े शामिल हैं. समिति ने उम्मीदवारों का अलग-अलग स्तर पर मूल्यांकन किया है. 11 और 12 अगस्त को अयोध्या में हुए अंतिम साक्षात्कार के बाद अब समिति उम्मीदवारों की योग्यता, अनुभव, नेतृत्व क्षमता और मंदिर की प्रशासनिक जरूरतों के लिहाज से उनकी उपयुक्तता का आकलन करेगी.
अब समिति सौंपेगी तीन नामों का पैनल
राम मंदिर के प्रशासन के लिए क्यों अहम है CEO पद?
राम मंदिर के पहले CEO की नियुक्ति मंदिर की बढ़ती प्रशासनिक जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है. CEO के जिम्मे श्रद्धालुओं के प्रबंधन, सुरक्षा, कर्मचारियों के संचालन, तकनीकी और संस्थागत व्यवस्थाओं तथा भविष्य की योजनाओं के समन्वय जैसे कई महत्वपूर्ण काम हो सकते हैं. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के आधिकारिक बयान के अनुसार ‘पूरी चयन प्रक्रिया मेरिट आधारित चयन, संस्थागत उत्कृष्टता और पारदर्शिता के सिद्धांतों के अनुरूप’ आगे बढ़ाई गई है. अब सभी की नजर चयन समिति की ओर से ट्रस्ट को सौंपे जाने वाले उन तीन नामों पर है, जिनमें से राम मंदिर के पहले CEO का चयन किया जाएगा.




