कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपने देशव्यापी ‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान का एजेंडा जारी करते हुए शिक्षा सुधार, बेरोज़गारी, संस्थागत जवाबदेही और नागरिक समाज के संगठनों के साथ सहयोग को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है। पार्टी का यह जनसंपर्क अभियान सितंबर से शुरू होगा और इसका उद्देश्य देशभर के युवाओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, आकांक्षाओं और सुझावों को समझना है। यह घोषणा छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित पार्टी की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक के बाद की गई। CJP के अनुसार, अभियान के दौरान जुटाए गए सुझावों के आधार पर एक ‘यूथ रिफॉर्म चार्टर’ तैयार किया जाएगा, जिसे नागरिकों की भागीदारी से विकसित किया जाएगा।
शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर CJP के सह-संयोजक सौरव दास ने कहा कि संगठन का उद्देश्य फिलहाल चुनावी वादे करना नहीं, बल्कि लोगों की बात सुनना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा सुधार और बेरोज़गारी पार्टी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में हैं। इसके साथ ही संस्थागत जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए भी संगठन लगातार आवाज़ उठाएगा। दास के अनुसार, लोकतंत्र तभी प्रभावी ढंग से काम कर सकता है जब संस्थाएं अपने कार्यों और निर्णयों के प्रति जवाबदेह हों। उन्होंने यह भी कहा कि देश में न्याय और सामाजिक बदलाव के लिए कार्य कर रहे विभिन्न संगठनों, आंदोलनों और नागरिक समूहों के साथ मिलकर काम करना आवश्यक है, क्योंकि किसी एक संगठन के लिए अकेले व्यापक परिवर्तन लाना संभव नहीं है।
अभियान के चार प्रमुख स्तंभ
पार्टी द्वारा जारी दस्तावेज़ों के अनुसार, ‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान चार प्रमुख विषयों पर केंद्रित रहेगा—
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प्राथमिक से उच्च शिक्षा तक व्यापक शिक्षा सुधार।
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शिक्षा और रोजगार के बीच बेहतर समन्वय, जिसमें कौशल विकास और बाज़ार की मांग के अनुरूप रोजगार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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मीडिया, निर्वाचन आयोग और न्यायपालिका सहित विभिन्न संस्थानों की जवाबदेही से जुड़े मुद्दे।
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छात्र संगठनों, नागरिक समाज संस्थाओं और युवा-केंद्रित सुधारों का समर्थन करने वाले अन्य समूहों के साथ सहयोग।




