लखीमपुर खीरी में धौरहरा क्षेत्र के सिसैया खुर्द गांव में 14 सितंबर को ग्रामीणों के प्रदर्शन के बाद हुई पुलिस कार्रवाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है, इस पुलिसिया हिंसा में मुख्य रूप से लोधी समाज के लोगो को टारगेट कर घरों में घुस कर पुलिस द्वारा लाठियां बरसाई गयी थी, इस घटना में पुलिस ने छोटे बच्चो और महिलाओ को भी नहीं बक्शा था । शनिवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर सपा का प्रतिनिधिमंडल पीड़ितों से मिलने उनके गांव पहुंचा और पार्टी की तरफ से घायलों को इलाज के लिए सहायता राशि और पांच साल के घायल बच्चे उमाशंकर लोधी को साइकल, कपड़े और शिक्षा सामग्री प्रदान की गयी |

टीम ने घटना में घायल ग्रामीणों और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। प्रतिनिधिमंडल में शामिल समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव ज्ञानेश लोधी और पार्टी से सांसद आनंद भदौरिया ने मामले की सीबीआई जांच कराने और प्रत्येक पीड़ित परिवार को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है ।
आनंद भदौरिया ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सिसैया खुर्द के ग्रामीणों की बात सुनने और उनकी मदद के लिए प्रतिनिधिमंडल भेजा है। उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने गांव में करीब 17 घायल लोगों से मुलाकात की। ग्रामीणों ने अपने साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई की जानकारी टीम को दी, वहीँ लोधी समाज से ही आने वाले समाजवादी नेता और पार्टी के प्रदेश सचिव ज्ञानेश लोधी ने इस पुरे घटना क्रम को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ही जिम्मेदार ठहराया उन्होंने कहा की हिंसा में शामिल पुलिस विभाग गृहमंत्रालय के ही अधीन आता है और यह विभाग स्वयं मुख्यमंत्री देखते है ऐसे में लोधी समाज के ऊपर हुए इस अत्याचार के लिए वे सीधे तौर पर जिम्मेदार है , ज्ञानेश लोधी ने साफ़ तौर पर मांग करी है की घटना वाले दिन की स्थानीय बी जे पी विधायक और स्थानीय पुलिस की काल डिटेल निकलवाकर सार्वजनिक की जाए और घटनाक्रम में शामिल दोषियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाए |

पांच पुलिसकर्मी निलंबित, इंस्पेक्टर लाइन हाजिर
सिसैया खुर्द प्रकरण में प्रारंभिक जांच के बाद धौरहरा कोतवाली के पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार, मामले की विभागीय जांच अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) पवन गौतम को सौंपी गई है। इसके अलावा शुक्रवार को धौरहरा प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार शर्मा को भी लाइन हाजिर कर दिया गया।
सीबीआई जांच और पांच लाख मुआवजे की मांग
सपा प्रतिनिध मंडल कहा कि ग्रामीण भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी की मांग है कि पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई से कराई जाए, ताकि घटना के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच हो सके। उन्होंने प्रत्येक पीड़ित परिवार को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा देने की भी मांग की।
प्रतिनिधिमंडल गांव में ग्रामीणों से मिली जानकारी की रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को सौंपेगा और समाजवादी पार्टी पीड़ित ग्रामीणों की आवाज उठाती रहेगी, जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल में ये नेता रहे शामिल
प्रतिनिधिमंडल में सपा जिलाध्यक्ष रामपाल यादव, सांसद आनंद भदौरिया, पार्टी के प्रदेश सचिव ज्ञानेश लोधी, सांसद उत्कर्ष वर्मा, पूर्व विधायक रोशनलाल वर्मा , पूर्व विधायक शमशेर बहादुर सिंह , पूर्व प्रत्याशी वरुण यशपाल चौधरी, विधान सभा अध्यक्ष विकास यादव आदि शामिल रहे |
प्रतिनिनिधि मंडल के साथ समाजवादी पार्टी के नेता मांगू लाल लोधी, देवेश राजपूत , प्रशांत सिंह लोधी, दानिश रहमान, महेंद्र रावत, आशिफ कुरैशी, रिजवान अहमद, फुरकान खान, प्रकाश खान एवं विकास लोधी सहित बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्त्ता मौके पर मौजूद रहे |

सिसैया खुर्द प्रकरण में राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। इससे पहले लोधी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने भी ग्रामीणों से मुलाकात कर मामले की मजिस्ट्रेटी जांच की मांग की थी पर उनके साथ स्थानीय विधायक के साथ रहने के विवाद उत्पन्न हो गया था, गौरतलब है हिंसा के शिकार ग्रामीण इस पुरे घटनाक्रम के पीछे सीधे तौर पर विधायक विनोद शंकर अवस्थी को ही जिम्मेदार मान रहे है |









