नेता करेंगे एक्सप्रेसवे का ट्रायल सफर
उद्घाटन समारोह के बाद तीनों नेता कार से उन्नाव से लखनऊ के सरोजनी नगर तक एक्सप्रेसवे पर यात्रा करेंगे. इस ट्रायल के जरिए नए मार्ग की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया जाएगा. सरकार का दावा है कि यह एक्सप्रेसवे दोनों महानगरों के बीच यात्रा को तेज, सुरक्षित और अधिक सुविधाजनक बनाएगा. इससे रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों, व्यापारिक गतिविधियों और माल परिवहन को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है.

सुरक्षा के लिए हाईटेक निगरानी व्यवस्था
आधुनिक ढांचा बनाएगा सफर आसान
पूरे एक्सप्रेसवे की 24 घंटे निगरानी के लिए 27वें और 35वें किलोमीटर पर दो आधुनिक कंट्रोल रूम बनाए गए हैं. यहीं से ट्रैफिक प्रबंधन, निगरानी और आपातकालीन सेवाओं का संचालन किया जाएगा. यात्रियों की सुविधा के लिए इस मार्ग पर 6 इंटरचेंज, 38 अंडरपास, 6 फ्लाईओवर, 3 बड़े पुल और 28 छोटे पुल बनाए गए हैं. इन सुविधाओं से यात्रा अधिक सुरक्षित और सुगम होने की उम्मीद है.
डिफेंस कॉरिडोर को भी मिलेगा बड़ा फायदा
यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के डिफेंस कॉरिडोर को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाएगा. सरकार का मानना है कि इसके शुरू होने से रक्षा उद्योग और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी. इस परियोजना को एनई-6 (NE-6), अवध एक्सप्रेसवे और डिफेंस कॉरिडोर एक्सप्रेसवे के नाम से भी जाना जाएगा. बेहतर कनेक्टिविटी के कारण उद्योग, निवेश और क्षेत्रीय विकास को भी इससे महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलने की संभावना है.









