उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 45 वर्षीय ई-रिक्शा चालिका अर्चना मिश्रा को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से 16 करोड़ रुपये का नोटिस भेजा गया. पीड़िता का आरोप है कि उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो का गलत इस्तेमाल करके एक फर्जी बैंक अकाउंटर खोला गया और फिर उस खाते से 13 करोड़ रुपये का ट्रांजैक्शन किया गया. साथ ही 3 करोड़ रुपये का संदिग्ध ट्रांजैक्शन किया गया, जिसके चलते वह मुसीबत में फंस गई. वहीं इस मामले में शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस ने दो लोगों को किया गिरफ्तार
मामले को लेकर पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लंका तिराहे से संजीव कुमार गुप्ता उर्फ दीपू गुप्ता और अजय कुमार गुप्ता नाम के दो शख्स को गिरफ्तार किया है. पनकी थाना क्षेत्र की रहने वाली अर्चना मिश्रा ने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति ने उन्हें लोन दिलाने का झांसा देकर उनका एक बैंक अकाउंट खुलवाया और उसका गलत इस्तेमाल किया. इस दौरान वह आर्थिक और स्वास्थ्य समस्या बढ़ती चली गई.
पति से तलाक के बाद ई-रिक्शा चलाना शुरू किया
पीड़िता ने पहले पुलिस चौकी में मामले को लेकर शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद उन्होंने 22 मई को पुलिस कमिश्नर से शिकायक की. इसके बाद संबंधित चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया और आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया. अर्चना ने बताया कि साल 2017 में उन्होंने अपने पति से तलाक ले लिया था. बाद में उन्हें यूटरस कैंसर हो गया. लेकिन अपने दो बेटों के पालन-पोषण के लिए ई-रिक्शा चलाना शुरू कर दिया, जिसके लिए उन्हें तत्कालीन जिलाधिकारी ने सम्मानित भी किया था.
लोन दिलाने के नाम पर खुलवाया था बैंक अकाउंट
अर्चना ने बताया कि जब वह आर्थिक समस्या से जूझ रही थीं तभी उनकी मुलाकात अजय से हुई. अजय ने अपने मामा के जरिए लोन दिलाने का वादा किया. अजय के कहने पर अर्चना ने अपने डॉक्यूमेंट्स दे दिए. इसके बाद कानपुर के बिहराना रोड स्थित एक्सिस बैंक के ब्रांच में उनके नाम से खाता खोला गया. लेकिन कभी उन्हें लोन ही नहीं मिला. अर्चना ने बताया कि जब उन्होंने अजय से संपर्क किया तो उसने कहा कि बैंक ने लोन देने से मना कर दिया है.









