मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जैसे ही यह मामला उनके संज्ञान में आया, उन्होंने पुलिस को FIR दर्ज करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया। महिलाओं के सम्मान के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय समाज ने पारंपरिक रूप से हर बेटी और बहन को सम्मान और देखभाल की दृष्टि से देखा है और सार्वजनिक जीवन में भी ऐसे मूल्यों को बनाए रखा जाना चाहिए। यह बयान उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री की बेटी को निशाना बनाकर सोशल मीडिया पर एक फ़र्ज़ी और मानहानि करने वाली पोस्ट शेयर करने के आरोप में तीन लोगों के ख़िलाफ़ FIR दर्ज होने के कुछ दिनों बाद आया है।
कानपुर पुलिस कमिश्नरेट की साइबर सेल ने यह मामला तब दर्ज किया जब समाजवादी पार्टी के नेताओं ने पुलिस से संपर्क किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी छवि खराब करने के मकसद से ऑनलाइन गुमराह करने वाला और अपमानजनक कंटेंट फैलाया जा रहा था। शिकायत के मुताबिक, X पर अखिलेश यादव की बेटी की एक तस्वीर झूठे दावों और अपमानजनक टिप्पणियों के साथ शेयर की गई थी। शिकायत करने वाले का आरोप था कि तस्वीर के साथ छेड़छाड़ (मॉर्फिंग) की गई थी और लगाए गए आरोप पूरी तरह झूठे थे, जिनका मकसद उन्हें बदनाम करना था।
पुलिस की कार्रवाई का बचाव करते हुए योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव से यह भी कहा कि वे अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों को सार्वजनिक बातचीत में मर्यादा बनाए रखने के लिए कहें। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेदों के कारण अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए, खासकर तब जब बात महिलाओं, बुजुर्गों और राजनीतिक विरोधियों की हो।









